महाभारत कथा -482

mahabharat status photo, mahabharat status, mahabharat facebook status status in hindi,mahabharat status image,mahabharat whatsapp status


पोस्ट -( 482 )-अथ श्री महाभारत कथा - समीक्षा - ( ८२ ) -श्री मद भगवद गीता ज्ञान गंगा प्रवाह -( 15 ) 

  -एकादश अध्याय ----- श्लोक 1 से 28 तक -भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को अपने विराट विश्वरूप के दर्शन--

      🍊 अर्जुन बोला - हे कृष्ण ! आपने जो परम् गोपनीय अध्यात्म ज्ञान विषयक उपदेश मुझे सुनाया उससे मेरा अज्ञान नष्ट हो गया है । मैंने समस्त भूतो को उत्पत्ति ,तथा आपके अविनाशी स्वरूप का वर्णन आपसे सुना है परंतु अब मैं आपके ज्ञान ,ऐश्वर्य ,शक्ति , बल , वीर्य और परम #तेजोमय #रूप को #प्रत्यक्ष देखना चाहता हूँ ,आप मुझे अपने अविनाशी स्वरूप का दर्शन कराइये ।

-श्री कृष्ण ने अर्जुन की प्रार्थना स्वीकार की और बोले -

     🚫 हे पार्थ ! मेरे सैकड़ो और हजारो ,नानावर्ण के और नाना आकृति वाले अलौकिक रूपो को देखो --

हे भरतवंशी अर्जुन ! अब इस मेरे शरीर मे ,एक ही जगह मौजूद चराचर सहित संपूर्ण जगत को ,अदिति के 12 पुत्रों ,आठ वसुओं ,एकादश रुद्रों ,49 मरुद्गणों ,और जो तू देखना चाहता है , उन आश्चर्य जनक रूपो को देख ।

-परंतु मेरे इस परम् तेजोमय स्वरूप को इन #प्राकृत #नेत्रों द्वारा देखना सम्भव नही है ,इस लिए मैं तुझे #दिव्य और #अलौकिक #नेत्रों को प्रदान करता हूँ - मेरे प्रभाव और योगशक्ति को देखो --


      🍎🚫इसके बाद महायोगेश्वर भगवान ने अर्जुन को अपना परम #ऐश्वर्ययुक्त #दिव्य #स्वरूप को दिखाया - अनेको मुखों और #अनेको #नेत्रों से युक्त , #दिव्य #आभूषणों व वस्त्रों से #सुजज्जित ,अनेको #दिव्य #शस्त्रो को हाथो में लिए हुए , #दिव्य #गन्ध और #आश्चर्यो से युक्त ,सीमा रहित ,विराट स्वरूप ,परमदेव परमेश्वर को अर्जुन ने देखा --


        🍎🚫परमेश्वर का उस समय का प्रकाश आकाश में #हजारो सूर्यो के एक साथ उदय होने से उत्पन्न हुआ प्रकाश से भी अधिक तेज था - अर्जुन ने प्रथक प्रथक संपूर्ण जगत को एक ही जगह ,श्री कृष्ण के शरीर मे देखा - संपूर्ण देवो को ,अनेक भूतो समुदायों को ,ब्रम्हा जी ,महादेव और सम्पूर्ण ऋषियो को और दिव्य सर्पो को देखा -

       🍊🍎अनेको हाथो , पेट ,मुखों , नेत्रों से युक्त ,अनन्त रूप वाले ,#विश्वरूप जिसका स्वर्ग और पृथ्वी के बीच संपूर्ण आकाश तक कोई आदि , मध्य और अंत नही था , प्रज्वलित अग्नि रूप मुख वाले ,सारे #जगत को #तपायमान करता हुआ स्वरूप , अर्जुन ने प्रभु के उस रूप का दर्शन किया -


     🍊🍎 अर्जुन ने सारे #देवताओ के #समूह को श्री कृष्ण में ही प्रवेश करते देखा ,कई देवताओ को भयभीत होकर हाथ जोड़े खड़े देखा ; महर्षियो और अनेकानेक सिद्धो के समुदायों को स्त्रोतों द्वारा स्तुति करते देखा 

  🍒 *** अर्जुन ने परम प्रभु के उस अत्यंत वीभत्स विकराल महाकाल रूप का दर्शन किया ***🍒


        🚫🍊🎆 अर्जुन ने देखा - भगवान के -विकराल दाढ़ों वाले और प्रलयकाल की अग्नि के समान प्रज्वलित मुखों में ध्रतराष्ट्र के पुत्र ,राजाओ के समुदाय , भीष्म पितामह ,कर्ण और पांडव पक्ष के भी प्रधान योद्धाओं आदि वेगयुक्त तेजी से उनके भयानक मुखों में प्रवेश कर रहे है । कई एक चूर्ण हुए शिरो सहित और कई प्रभु के दांतों के बीच मे लगे हुए दीख रहे है --- जैसे नदियों और जल के बहुत से प्रवाह समूद्र में दौड़ते हुए प्रवेश करते है ,इसी प्रकार शूरवीर मनुष्यो के समुदाय ,प्रभु के प्रज्वलित मुखों में तेजी से प्रवेश कर रहे है 🍊🍘

  शेष अगली पोस्ट में ------------- राम नाथ गुप्त कन्नौज****
 

टिप्पणियाँ