महाभारत कथा - 458


 पोस्ट ( 458 ) - अथ श्री महाभारत कथा -- समीक्षा ( ५८ ) - शांतिदूत बनकर गए भगवान श्री कृष्ण की कौरवों की राजसभा में सिंह गर्जना -

      🍎 हस्तिनापुर पंहुच कर श्री कृष्ण विदुर के घर जाकर अपनी बुआ , कुन्ती से मिले । कुन्ती ने उनका आदर सत्कार किया और अपनी और पुत्रों जी कष्ट कथा सुनाते हुए वे रो पड़ीं । फिर अपने पुत्रों को सन्देश देते हुए बोलीं माधव ! तुम धर्मात्मा युधिष्ठिर से कहना

    " बेटा ! तुम्हारे धर्म की बड़ी हानि हो रही है ,तुम इसे व्यर्थ नष्ट मत करो "

    फिर अर्जुन और भीमसेन से कहना - "" पुत्रो क्षत्राणी जिस प्रयोजन के लिए पुत्र उत्पन्न करती है , उसे पूरा करने का यह समय आ गया है ", 

    फिर नकुल और सहदेव से कहना - " मेरे बच्चो तुम प्राणों की बाजी लगाकर , परिक्रम से प्राप्त किये हुए भोगों को ही भोगना " । भगवान श्री कृष्ण ने बुआ कुंती को बहुत समझाया और आश्वासन दिया ।

    🚫 हस्तिनापुर में भगवान् कृष्ण ने दुर्योधन का आतिथ्य स्वीकार करने से इसलिए मना कर दिया क्योंकि वह उनके #मित्र पांडवो से #वैरभाव रखता था -श्री कृष्ण विदुर के यहाँ रुके प्रात:काल राजा दुर्योधन व शकुनि के निवेदन करने पर विदुर जी के साथ कौरवो की राज सभा में गए ।

     🍎 राजसभा में श्री कृष्ण के लिए सर्वतोभद्र नामक स्वर्ण सिंहासन लाया गया जिस पर वे विराजित हुए । उस समय अंतरिक्ष में से नारद आदि तमाम ऋषि प्रकट हुए उन्हें भी सभा में आसन प्रदान किये गए । सभी के बैठ जाने पर श्री कृष्ण ने ध्रतराष्ट्र को संबोधित कर कहा- 

     🚫 "" कृपा -अनुकम्पा - करुणा-सरलता -क्षमा व सत्य -- इन सदगुण से संपन्न रहे #कुरुकुल में अब अनुचित कार्य होना कल्याण कारक नही है -

      🍎 दुर्योधन आदि आपके पुत्र लोभ के वशीभूत होकर धर्म अर्थ को पीछे कर #क्रूर मनुष्यों की तरह अपने श्रेष्ठ बन्धुओ के प्रति कार्य कर रहे है ।

       आप भी जानते है कि इन्होने धर्म की मर्यादा तोड़ दी है । इस समय भयंकर #आपत्ति (ख़तरा ) #कौरवो से ही उपस्थित हुआ है -

       अगर इसकी #उपेक्षा की गयी तो यह समस्त #भूमंडल को #विध्वंस कर डालेगा-

      🚫 राजन आप चाहे तो संधि व शान्ति का स्थापन किया जा सकता है । यह आपके व मेरे आधीन है । आप अपने #पुत्रो को #मर्यादा व #आदेश में रखिए और #पांडव मेरे #आधीन है मेरे आदेश का पालन करेंगे- 

      🎈 आपके पुत्र और पांडव यदि मिल जाए तो आप सारे विश्व के लिए अजेय हो जायेंगे -

    आप #संधि करके सबको महान #संहार से #बचाइए और यह सभी राजा जो आपके समर्थन में आये है उन्हें सकुशल घर लौटा दीजिए ।

      🎈पित्रहीन पाँडू पुत्र आपके ही पुत्र सामान है इनका न्याय पूर्वक पालन कीजिए -

      🚫 पांडवो ने कहलाया है कि हमने -भीम को दिए गए जहर , फिर लाक्षा गृह में जलाने का कुत्सित प्रयास को सहा और अलग इन्द्रप्रस्थ को बसाकर अतुलनीय वैभव पाया ; फिर कपट जुआ के बाद आपकी आज्ञा से वनवास व अति कष्टकारक अज्ञातवास भोगा । अब आप माता पिता के सामान #स्नेह पूर्ण #व्योहार कीजिए 

   सभी सभासदो को भी पांडवो ने सन्देश भेजा है ~

     -कि जहाँ सभासदों के देखते देखते -अधर्म द्वारा धर्म का और मिथ्या के द्वारा सत्य का गला घोंट दिया जाता हो - वहाँ अगर सभासद अधर्म रूपी कांटे को काट कर निकाल नही देते है ; तब वे सभी सभासद भी #नष्ट हो जाते है -

     मैं सभी का कल्याण चाहता हूँ--आप धर्मानुकूल निर्णय कीजिए ""

     🍎 भगवान् श्री कृष्ण के पांड्वो को कम से कम 5 गावं देकर संधि कर लेने की सम्मति देने वाला प्रभावशाली भाषण देने के बाद , वहा उपस्थित मुनिवर परशुराम - कण्व - व देवर्षि नारद ने तमाम उपाख्यान सुनाकर दुर्योधन को समझाने का प्रयास किया ।

      फिर ध्रतराष्ट्र ने श्री कृष्ण से कहा कि दुर्योधन मेरी बात नही मानेगा वे ही दुर्योधन को समझाए । उनके अनुरोध पर श्री कृष्ण ने दुर्योधन से कहा---

   तुम महान ज्ञानी विद्वान व्यक्तिओ के कुल में उत्पन्न हुए हो ; तुम्हारा पांडवो से संधि न करने का #दुराग्रह पूर्ण भयंकर #हठ जिसका पूरा होना #असंभव है - अधर्ममय -अनिष्टकारक - और महान #प्राणनाशक है - 

     🍎 जो श्रेष्ठ सुह्रदयो की बात न मानकर दुष्टों को अपनाता है ; और सुह्रदयो से द्वेष करता है -वह नष्ट हो जाता है या शत्रुओ के आधीन हो जाता है । ऐसे व्यक्ति को प्रथ्वी त्याग देती है । तुमने इंद्र के समान पराक्रमी अपने पांडव बन्धुओ के प्रति हमेशा #शठटा पूर्ण व्योहार किया है परन्तु पांडव धर्मात्मा और साधु पुरुष है वे तुम्हारे प्रति #सद्भाव रखते है -तुम्हे भी वैसा ही व्योहार करना चाहिए ।

       इन श्रेष्ठ पांड्वो के अपमान की तो बात ही अलग है । मनस्वी पुरुष को चाहिए कि वह तीनो लोको में किसी #निम्न श्रेणी के पुरुष का भी #अपमान #न करे । विराट नगर में अर्जुन के पराक्रम के सामने तुम और तुम्हारे सभी साथी योद्धा कोई नहीं ठहर सका था ।

     🍎🎃 फिर जिस अर्जुन का मैं सारथी हूँ उसके सम्मुख इंद्र भी युद्ध नहीं करना चाहेंगे - समरभूमि में अर्जुन को जीत सकना - मानो अपनी दोनों भुजाओं पर प्रथ्वी को उठा लेना है । कौरव वंश बचा रहे- इस कुल का पराभव न हो और तुम कीर्ति का नाश करने वाले कुलघाती न कहलाओ इसलिए कुन्ती पुत्रो को उनका राज्य देकर संधि कर लो ।

       🎈पांडव तुम्हारे पिता ध्रतराष्ट्र को ही राजा और तुम्हे युवराज बनाए रखेंगे - भीष्म द्रोण विदुर ध्रतराष्ट्र सभी ने श्री कृष्ण की बातो का समर्थन किया ।

     

टिप्पणियाँ