श्री शिव महापुराण पुष्प माला 1971


 पोस्ट -( 1971 ) - श्री शिव महापुराण ~पुष्प माला ~ 【 १७१ 】- हमारे सबसे बड़े देव महादेव - राष्ट्रीय प्रधान मंत्री के स्वरूप में --( द्वितीय पोस्ट )

    🌋 हमारे प्रधान मंत्री कैसे हो ! महादेव शंकर जैसे हों !!


     सबसे बड़े देव ~महादेव ~का जीवन चरित्र -लोकहितकारी और सरकार के मुखिया ( P M )~ के लिए अंनुकर्णीय है । राष्ट्रपति के रूप में श्री गणपति बप्पा ( पोस्ट 1969 ) और PM के रूप में पूज्य महादेव शंकर भगवान ( पिछली पोस्ट 1970 ) और अब दूसरी पोस्ट प्रस्तुत है~~

     🍎 ( 11 )~डमरू -दूसरी ओर भटकते और दूसरो से प्रभावित मन को एकाग्र कर प्रभु चरणों में लगाने में घंटा और डमरू ध्वनि बहुत मदद करती है । आधुनिक युग के हिसाब से -यह प्रचार ( प्रिंटेड & इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ) के मुख्य प्रतीक है -

     सरकार के मुखिया PM को चाहिए कि देश वासियो को दूसरो के भ्रामक प्रभाव में आने से बचाने के लिए -निरंतर देश हित की बातो - व सत्य का प्रचार इतने बड़े रूप में -जैसे घंटे और डमरू में दूसरी आवाज नहीं सुनायी देती है -बराबर करे ,~

 

     🍎 ( 12 )~ हाथो में त्रिशूल ~भगवान् शिव के हाथो में त्रिशूल एक प्रमुख अस्त्र के रूप में है ~-और 

त्रिशूल-( त्रि + शूल ) माने तीन प्रकार के -दैहिक -दैविक और भौतिक व्याधियो के शूल के रूप में भी है 

    -सरकार के मुखिया को देश द्रोहियो से निपटने में नरमी या मानवता की बजाय -त्रिशूल वाले तीनो प्रकार के दंडात्मक उपायो को अपना कर जनता की ऱक्षा करनी चाहिए ।और जनता के तीनो दैहिक ,दैविक और भौतिक तापो ,रोगों , को पूर्णतया नष्ट करने का प्रयास करना चाहिए ।

   

      🍎 ( 13 )~काम को दहन करने वाले ~देश हित में अपने निजी सुखो को त्याग करने का एक अनुपम कार्य -देश का मुखिया अपने पर पूर्ण नियंत्रण रखे। SEX- SCANDAL से आज सैनिक हितो, देश की सुरक्षा, सार्वजनिक जीवन तथा नैतिकता को कितना नुक्सान हो रहा है उससे बचाने के लिए सरकार के मुखिया को भगवान् शिव से शिक्षा लेकर अपने अंदर के अनैतिक काम वासना को दहन करना बहुत जरूरी है !


     🍎 ( 14 )~शिव् जी महा मृत्युंजय है -रोगों को दूर करने वाले और मृत्यु के भय से बचाने है । इसी प्रकार शाशक को अस्पतालो ,मेडिकल कालेजो की इतनी प्रभावी व्यव्स्था करनी चाहिए कि सभी की दुःख दर्द बीमारियो से पूरी तरह ऱक्षा हो !


       🍎 ( 15 )~अवढर दानी ~भगवान् शिव भक्तो पर तुरंत प्रसन्न होकर -मुंह माँगा वरदान देने वाले है -और भविष्य में इसका क्या असर होगा इसपर भी विचार नही करते है । रावण और तमाम राक्षसो को वरदान -और अति -भस्मासुर को वरदान जो उस वरदान परखने को शिव जी पर ही हाथ रखकर उनके पीछे भागा -प्रभु उसपर इतने मेहरबान -कि भूल गए कि उनके पास तीसरी आँख भी है जो भस्मासुर को तुरंत भस्म कर सकती है -भगवान विष्णु को हर बार समस्या निबटाने को आने पड़ा ।


        🍎 ( 16 ) ~ अस को उदार जग मांहि ~~~~

      अवढर दानी होना -सर्व शक्तिशाली त्रिदेवो का आदर्श कार्य हो सकता है परंतु देश के शाशक के लिए पूर्णतया पालनीय नही हो सकता -दीन दुखियो जरूरतमंदो देशभक्तो के लिए अवढरदानी होना बहुत आवश्यक है परंतु देशद्रोहियो अलगाववादिओ अपराधियो पर छमावान होना देश की सुरक्षा के लिये बहुत हानिकारक होता है 


         🍎 ( 17 ) ~ शिव जी का तांडव नृत्य ~~PM साहब के लिए कहाँ तक अनुकरणीय है ???

     दुर्भाग्य से इस सच्चाई को न समझ कर -पुरानी ऐतिहासिक गलती -पृथ्वीराज द्वारा मोहम्मद गौरी को तमाम बार छमादान -से लगातार अब तक गलतियां -1948 में काश्मीर में सेना को बढ़ने से रोकना -निरंतर अलगाव वादिओ और विद्रोहियो को छमा करना -1965 और 1971 में बिना शर्त जीती हुई या सच में कहें तो सेना द्वारा पुन:अधिकृत की गयी अपनी ही जमीन व् 90000 युद्धबंदियो को वापस करना , बफर स्टेट तिब्बत और पहाड़ी भूमि को चीन को अपनी अकर्मण्यता के कारण दान में दे देना ~सोचिये -इससे देश कितने विषम हालात में आ गया है । अपराधियों और देश के दुश्मनों पर शाशन का समय समय पर तांडव नृत्य करना अति आवश्यक होता है ।

    

         🍎 ( 18 ) ~शिव जी द्वारा श्रष्टि को प्रलय करने में सक्षम तीसरी आँख को खोलना ~~

       सरकार के मुखिया PM को देशदोहिओ के प्रति दयावान होने की बजाय अपने क्रोध की तीसरी आँख को खोलकर देशद्रोहियो और समाज विरोधी तत्वों को भस्म कर देना चाहिए और  

       शिव जी की तरह उनके त्रिशूल को धारण कर -देशद्रोहियो , समाज विरोधीयो के विरुद्ध तांडव नृत्य करना चाहिए - और व्यवहारिक होना चाहिए। 


           ~~ कैलाश की महिमा के वर्णन के साथ ही - इस शिव महापुराण की श्रृंखला की समापन पोस्ट की प्रतीक्षा करें ~~~~~

      ........ ........क्रमशः ........................... राम नाथ गुप्ता कन्नौज ...

टिप्पणियाँ